आतंकियों को पालने वाला देश पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है. सर्जिकल स्ट्राइक व एयर स्ट्राइक के बाद भी उसने सीमा पार चल रहे आतंकी कैंपों को बंद नहीं किया है, और न ही उसने आतंकी संगठनों को बैन किया है.
पाकिस्तान की कायराना हरकतें बढ़तीं जा रही हैं. इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान दाऊद इब्राहिम जैसे आतंकी के बारे में लगातार झूठ बोल रहा है. साथ ही मसूद अजहर व हाफिज सईद के मामले में भी दो-मुँहा रवैया अपना रहा है. पाकिस्तान की ओर से लगातार सीज फायर उल्लंघन भी आम हो गया है.
इसी सिलसिले में लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने भी कश्मीर के राजौरी में ‘राजौरी दिवस’ पर आयोजित किए गए एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया. लेफ्टिनेंट जनरल ने शनिवार को कहा कि शांति का राग अलापने वाला हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पिछले डेढ़ महीने में 513 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है.
इसका मुंहतोड़ जवाब भारतीय जवान भी दे रहे हैं. अगर पाकिस्तान गोलाबारूद की भाषा ही समझता है तो उसे उसी के लहजे में जवाब दिया जाएगा. भारतीय सेना के जवान भी किसी से कम नहीं है.
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलीबारी में पाक सैनिक बड़े हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. पाकिस्तान द्वारा भारतीय चौकियों पर जानबूझकर बड़े हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका एकमात्र उद्देश्य रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना है.
कई बार चेतावनी देने के बाद भी पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है. ऐसे में भारतीय जवानों ने भी उसे उसी की भाषा में जवाब देना शुरू कर दिया है.
गौरतलब है कि भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद पाक सैनिकों में दहशत भी बढ़ जाती है. शुरूआत तो वे कर देते हैं लेकिन जब भारतीय सैनिक जवाबी कार्रवाई में गोले दागते हैं तो वे खामोश हो जाते हैं. पाकिस्तान का यह हर रोज़ का तमाशा है, एक दिन में तीन से चार बार व कई दिन तो वह दस से भी अधिक बार सीज फायर उल्लंघन करता है.
सनद रहे कि सरकार की ओर से भी देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों को फ्री हैंड दे दिया गया है. साथ ही आतंकियों व देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश भी सरकार द्वारा जारी किया जा चुका है. इस कारण ही सेना पाक को मुह तोड़ जवाब देने में सक्षम है.
आज पाकिस्तान कंगाली के हाल में पहुंच चुका है, स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि वह आईएमएफ व चीन तथा अमेरिका से लिया हुआ अरबों रुपए का कर्ज भी नहीं लौटा पा रहा है. तब प्रश्न यह उठता है कि आखिर पाक द्वारा आतंकवाद के समर्थन का कारण क्या हो सकता है. क्या पाकिस्तान का एकमात्र उद्देश्य दहशतगर्दी है?
बहरहाल, भारतीय सेना आधुनिक हथियारों से लैस है और पाकिस्तान को धूल चटाने का लाइसेंस भी उन्हें मिला हुआ है. वर्तमान समय में सेना द्वारा हर रोज़ एक-दो आतंकियों को हूरों के हवाले किया जा रहा है.
इस मसले पर रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पाक सीज फायर का उल्लंघन करना बन्द नहीं करता है तो निकट भविष्य में एक और सर्जिकल स्ट्राइक देखने को मिल सकती है.
गौरतलब है कि भारत सदैव ही शांति का समर्थक रहा है किन्तु यदि पड़ोसी तुच्छ हरकतों से बाज़ नहीं आए तो फिर आखिर कब तक सहा जा सकता है.
