कठुआ पीड़िता के पिता के साथ गबन

पैसा भगवान नहीं होता लेकिन भगवान से कम भी नहीं. कई बार लोग धन कमाने के लिए कोई भी काम को तैयार हो जाते हैं. फिर वह काम सही हो या गलत. ऐसी ही एक खबर जम्मू-कश्मीर से कठुआ से आयी है जहां पिछले साल एक बच्ची के साथ गैंगरेप किया गया था. यह खबर उसी दुर्दांत मामले से जुड़ी हुई है.

खबर है कि कठुआ रेप पीड़ित बच्ची के पिता के खाते से 10 लाख रुपये से अधिक किसी व्यक्ति ने निकाल लिए हैं. ये वो पैसे थे जिन्हें वित्तीय सहायता के नाम पर कठुआ पीड़िता के पिता को देश-विदेश से चंदे के रूप में प्राप्त हुए थे.

फ़िलहाल पीड़िता के पिता का कहना है कि किसी ने हमारे संयुक्त खाते से 10 लाख से अधिक रुपए निकाल लिए हैं. लेकिन किसने निकाला मुझे यह जानकारी नहीं है. मेरे खाते में 20 लाख से अधिक रुपये थे, लेकिन अब हमारे खाते में मात्र 35000 ही शेष हैं.

जब खाता खुलवाया गया था तो हमें बताया गया कि एक करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा हुई है, लेकिन अब ये पैसा कहां गया मुझे नहीं पता. रिपोर्ट्स के अनुसार पिता ने पासबुक दिखाते हुए यह भी कहा है कि किसी असलम खान नामक व्यक्ति ने इसी साल 11, 14, 15 व 18 जनवरी को चेक के जरिए 2-2 लाख रुपये निकलवाए हैं.

इसके अलावा 21 व 22 जनवरी को भी चार लाख रुपये बैंक से निकलवाए गए हैं. यह पैसा किसी नसीम नामक व्यक्ति ने चेक के जरिए निकाला है. पीड़िता के पिता ने कहा है कि मैं तो अनपढ़ हूं और चेक पर भी अंगूठा ही लगाता हूं. मुझे नहीं पता ये पैसे कहां और कैसे चले गए.

ज्ञात हो कि गत वर्ष जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में एक बच्ची गायब हुई थी, जिसकी बाद में रेप कर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. मीडिया द्वारा पूरे दिन इस मुद्दे पर चर्चा की जाती थी.

बॉलीवुड के सितारों समेत कुछ लोगों ने भी इस मुद्दे पर सक्रियता दिखाई थी. लेकिन आज इन सभी का कुछ पता नहीं है. अब प्रश्न यह है कि जो लोग इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे थे, क्या वह सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए ही शामिल हुए थे.

इस संबंध में पीड़िता की मां ने कहा है कि तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता जो मेरी बेटी के साथ हुई क्रूरता और हत्या के बाद त्वरित न्याय की मांग करने में सबसे आगे आए थे, वे अब अपना हित साधने के बाद से गायब हो गए हैं. पीड़िता की मां ने यह भी कहा कि उन लोगों मकसद सिर्फ इस मामले से अपना हित साधना था न कि मेरी बच्ची को न्याय दिलाना.

गौरतलब है कि कठुआ रेप मामले में हुए आंदोलन की अगुवाई करने वाले तालिब हुसैन व शेहला राशिद पर इकट्ठा किए गए रुपयों के गबन का आरोप पिछले वर्ष भी लगा था. हालांकि दोनों ने ही अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश करार दिया था.

गौर करने वाली बात यह है कि तालिब हुसैन पर रेप का केस दर्ज हुआ था जिसे बाद में गिरफ्तार भी किया गया था, जो अभी महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी का सदस्य है.

फिलहाल पीड़िता का परिवार बहुत ही अधिक परेशान हैं. किन्तु कोई भी मदद के लिए आगे आने के लिए तैयार नहीं है. इस मामले की वर्तमान स्थिति को देखकर यही लगता है कि एक्टिविस्ट या राजनीतिज्ञ सिर्फ अपनी रोटियां सेंकने के लिए ही किसी भी आंदोलन से जुड़ते हैं या मुद्दे को गर्म करते हैं.

लेकिन जब वह मीडिया में सुर्खियां प्राप्त कर चुके होते हैं, तो उन्हें अन्य किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं रहता. अब देखना यह है कि पीड़िता के परिवार की मदद करने के लिए कौन आगे आता है, साथ ही यह भी कि सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं.