नारी शक्ति को लोपक प्रणाम!

8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व में धूम-धाम से मनाया जाता है. नारी के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना हेतु अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जहाँ उनकी उपलब्धियों से विश्व को परिचित कराते हुए सम्मानित किया जाता है. सौ से भी ज़्यादा देशों में ये समारोह होते हैं. यह दिवस बताता है कि कितनी ख़ास हैं महिलायें. बहुत कुछ हासिल किया है उन्होंने अपने दम पर, पर अभी भी समाज के कुछ तबके में परिवर्तन लाना है. उन्हें भी यथोचित सम्मान व मौक़ा, जिसकी वो हक़दार हैं, मिलना ही चाहिये.

आजकल के पढ़े-लिखे युवा सड़ी -गली परंपराओं व कुरीतियों को पीछे छोड़ एक बेहतर समाज के निर्माण हेतु तत्पर हैं. शिक्षा ने उनकी सोच का दायरा बढ़ाया है. वो भली-भाँति जानते हैं कि स्त्री- पुरूष गाड़ी के दो पहिये हैं, जहाँ एक भी पहिया कमज़ोर हुआ तो जीवन की राह मुश्किल भरी होगी. उन्होंने दिवस के मूल -मंत्र, यानी नारी का सम्मान, उसे भी समान अवसर व उसके साथ साथी सरीखा बर्ताव, को अक्षरश: जीवन में उतार लिया है.

‘महिला-पुरुष बराबर हैं’ आज जुमला नहीं रहा. तभी आजकल हर क्षेत्र में अपनी क़ाबिलियत के अनुरूप नारी जॉब कर रही है. चाहे कॉल सेंटर हो या मीडिया चैनल्स के दफ़्तर हों, नाइट शिफ़्ट की जॉब भी महिलायें आराम से कर रही हैं क्योंकि वर्क प्लेस पर सहज माहौल मिलने लगा है. इन सबके बीच महिलाओं का भी फर्ज है कि महिला-पुरुष बराबरी को ईमानदारी से लें, बराबरी की आधुनिक संकल्पना और अबला नारी की रुढ़िवादी अवधारणा साथ-साथ नहीं चल सकते जिनमे से कोई भी सुविधानुसार चुन लिया जाए. 

हर महिला की चाहत होती है कि समानता और परस्पर सम्मान की एक दिन के लिये ही सीमित ना रहे, बल्कि ये सिलसिला पूरे साल जारी रहे. घर में महिलाओं को उचित सम्मान व सामाजिक हक़ दें , तभी तो ख़ुशी से वो आपकी सच्ची सहगामिनी बनेगी. उसने घर-बाहर के हरेक फ़्रंट को बड़े प्रेम से संभाला है, बदले में कभी -कभार प्रशंसा के चंद शब्द कोई बड़ी चाहत तो है नहीं. यदि जेब इजाज़त दे तो यदा कदा उपहार देकर अपनी वुमनिया को ख़ास होने का अहसास दिलाते रहें. कभी- कभी फूलों के गुच्छे भी वो जादू कर जाते हैं जो बड़े से बड़ा उपहार नहीं कर पाता. यही छोटी -छोटी बातें अगर व्यवहार में शामिल कर लें तो जीवन का हर दिन वीमेंस डे सा ख़ास हो जाता है.

वीमेंस डे की बातों को जीवन में जीने वाली नारी का भी एक दायित्व होता है कि जिन क्षेत्रों में आज भी परिवर्तन लाने की आवश्यकता है, उसके लिये प्रयासरत रहें. आज के युवा नये विचारों से लबालब भरे है और बहुत ही मज़बूत इरादों वाले हैं. समानता और कुछ कर गुज़रने के जज़्बे ने नारीत्व को नयी पहचान दिलायी है. महिलायें हर विपरीत परिस्थितियों का डटकर सामना करती है और ग़लत बातों को ग़लत साबित करने से गुरेज़ नहीं करती. 

जब दुनिया ने 8 मार्च का दिन नारी दिवस के लिये तय किया है तो सेलिब्रेट करें इस ख़ास दिन को. आप इस ख़ास दिन पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर अन्य खासमखास महिलाओं की उपलब्धियों को जानें. अपनी रूचि के अनुरूप महिलाओं के विभिन्न ग्रुपों से जुड़कर भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकती हैं. सबसे ख़ास तो मॉल्स और स्पा के लुभावने छूट होते हैं जो सिर्फ महिलाओं के लिये ही दिये जाते हैं. तो इस वीमेंस डे पर कुछ ख़ास कर ही लें. अपने सपनों को हक़ीक़त का अमली जामा पहना ही देना है.

ढ़ेरों शुभकामनाएं!

फोटो क्रेडिट

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