अपने भाषणों के लिए हमेशा ही चर्चा में रहने वाले राहुल गांधी इस बार फिर से चर्चा में आ गए हैं. यूँ तो कांग्रेस के अध्यक्ष होने के नाते उन्हें चर्चा में रहना ही चाहिए, किन्तु उन बातों के लिए नहीं जिससे वो चर्चा में आते हैं. रविवार शाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी गए हुए थे, जहाँ उन्होंने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का उद्घाटन किया था. इस ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की स्थापना रूस की सहायता से की गयी है.
इस फैक्ट्री में अत्याधुनिक AK-203 राइफ़ल का निर्माण किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने इस ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के उद्घाटन समारोह में कहा कि ‘मेड इन अमेठी’ AK-203 राइफलों से आतंकियों और नक्सलियों के साथ होने वाली मुठभेड़ों में हमारे सैनिकों को निश्चित रूप से मदद मिलने वाली है. यह फैक्ट्री अमेठी के नौजवानों के लिए रोज़गार के नए अवसर भी ला रही है और देश के विकास और सुरक्षा लिए भी एक नया रास्ता खोल रही है.
चुनावी बयार तेज हो चुकी है, इसलिए प्रधानमंत्री ने यहाँ कांग्रेस अध्यक्ष को घेरते हुए कहा कि आपके सांसद ने 2007 में इसका शिलान्यास किया था. उस समय कहा गया था कि अगले तीन साल में इस पर काम शुरू हो जाएगा, लेकिन काम शुरू होना तो दूर 3 साल में सांसद जी व सरकार ये तय ही नहीं कर पाई कि इस ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में किस तरह के हथियार बनाए जाएंगें. श्री मोदी ने यह भी कहा कि उस समय की सरकार ने इसके लिए जमीन भी उपलब्ध नहीं कराई.
प्रधानमंत्री के अमेठी में दिए इस बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था.
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट पर लिखा कि अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का शिलान्यास 2010 में मैंने खुद किया था. पिछले कई सालों से वहां छोटे हथियारों का उत्पादन चल रहा है. कल आप अमेठी गए और अपनी आदत से मजबूर होकर आपने फिर झूठ बोला. क्या आपको बिल्कुल भी शर्म नहीं आती?
आंकड़ों के कच्चे राहुल गांधी ने एक बार फिर पुरानी भूल दुहराई. इस बार उन्होंने अपने ट्वीट पर 2010 लिखा था जबकि शिलान्यास 2007 में किया गया था. साथ ही ट्वीट में जिक्र ‘छोटे हथियारों के उत्पादन’ का भी किया था. इसका मतलब यह है कि राहुल जी को छोटे हथियारों और AK सीरीज की राइफ़ल AK-203 में अंतर नहीं पता.
राहुल पहले भी झूठे आरोपों के कारण घिर चुके हैं जिनमें राफ़ेल मुद्दा अहम है. अमेठी स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के बारे में बात की जाए तो इसका फैसला 2005 में सेना द्वारा अत्याधुनिक हथियारों की मांग के बाद हुआ था. लेकिन यूपीए सरकार को 2 साल से अधिक का समय यही सोचने में लग गया कि इसकी स्थापना कहाँ की जाए.
प्रधानमंत्री ने अमेठी में ‘राइफल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’ का उद्धाटन किया था, जबकि राहुल गांधी आयुध फैक्ट्री पर रुके हुए थे. साथ ही राहुल गांधी ने 2007 में शिलान्यास किया था, जबकि मोदी जी ने कल उद्धाटन किया है. इन सब चीजों से जनता तक यही मैसेज जाता है कि राहुल गांधी कहीं न कहीं आंकड़ों व जानकारी में फेल हो जाते हैं व प्रधानमंत्री पर हर बार झूठा आरोप लगाते हैं.
