अपनी बातों को बेबाकी से कहने वाले, तुकबंदी गढ़ते हुए कहकहों पर ठहाके लगाने वाले पूर्व क्रिकेटर व कमेंट्रेटर, कांग्रेस नेता व पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू अपने विवादित बयान को लेकर एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं. यह बयान पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद आया है. सिद्धू का बयान पाकिस्तान के पक्ष में है, या यूँ कहें कि इस बयान ने देश भक्तों की दुखती रग में हाथ रख दिया है.
सिद्धू का विवादों व चर्चा से गहरा रिश्ता रहा है. चाहे वह हत्या का आरोप हो, या फिर दलबदल की राजनीति या फिर पाकिस्तान प्रेम. सिद्धू का यह पाकिस्तान प्रेम नया नहीं है, कुछ महीने पूर्व सिद्धू जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की ताजपोशी समारोह में गए थे, तब भी पाकिस्तान प्रेम स्पष्ट झलक रहा था व सिद्धू विवादों से घिर गए थे.
सिद्धू ने पाकिस्तानी पीएम के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के सेना अध्यक्ष जनरल बाजवा को गले लगाया था और बयान दिया था कि पाकिस्तान आकर मुझे अच्छा लगता है, जितना प्यार मुझे पाकिस्तान में मिलता है, उतना भारत में नहीं. इसके कारण उन्हें प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा ट्रॉल किया गया था, सोशल मीडिया में तो यहाँ तक कहा गया कि सिद्धू को पाकिस्तान से प्रेम है तो उन्हें वहीं रहना चाहिए.
अब जबकि पूरा देश शोक ग्रस्त है, तब एक बार फिर सिद्धू का बयान पाकिस्तान के बचाव में आया है. सिद्धू ने पुलवामा हमले के बाद कहा; ” कुछ लोगों की वजह से क्या आप पूरे मुल्क को गलत ठहरा सकते हैं?” जबकि सच पूरी दुनिया को पता है कि पाकिस्तान आतंकियों की पनाहगाह है. लादेन से लेकर दाऊद इब्राहिम व हाफ़िज़ सईद से लेकर अज़हर मसूद तक सबके सब की पनाहगाह पाकिस्तान ही रहा है.
अमेरिका ने पाकिस्तान के ही एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था, जबकि पाकिस्तान हमेशा से यह कहता आया था कि लादेन हमारे यहाँ नहीं है. एबटाबाद में जिस जगह लादेन रहता था, वह पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसी आईएसआई के ऑफ़िस के करीब ही था. सर्जिकल स्ट्राइक में भी स्पष्ट हो चुका है कि पाकिस्तान आतंकवादियों की बड़ी खेप तैयार करता है, जिसमें पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने का काम करती है.
मुंबई के 26/11 हमले में एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकी कसाब ने भी स्वीकार किया था कि वह पाकिस्तानी है, व उसे पाकिस्तानी सेना ने ट्रेनिंग व हिंदुस्तान आने में मदद की थी. यहाँ तक कि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश ने पाकिस्तान को दिए जाने वाले सहायता को यह कह कर बंद कर दिया है, कि वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है. क्या तब भी सिद्धू को समझ नहीं कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला एक ही राष्ट्र है और वह है पाकिस्तान.
अब देखना यह है कि सिद्धू के इस पाकिस्तान प्रेम के बाद कांग्रेस का क्या स्टैंड होता है, क्योंकि सिद्धू वर्तमान समय में कांग्रेस की पंजाब सरकार में मंत्री है, और अभी तक उन्हें किसी भी प्रकार का नोटिश नहीं दिया गया है. हालांकि कुछ टीवी डिबेट्स में कांग्रेस प्रवक्ताओं द्वारा सिद्धू का बचाव करने का प्रयास जरूर किया गया है.
एक रिपोर्ट के अनुसार सिद्धू के इस बयान के बाद उन्हें सोनी एंटरटेनमैंट टेलीविजन ने दूध में गिरी मक्खी की तरह ‘द कपिल शर्मा शो’ से बाहर कर दिया है, क्योंकि सोशल मीडिया में ‘द कपिल शर्मा शो’ का बहिष्कार किए जाने की चर्चा हो रही थी.
अब देखना यह है कि अगर जनता के बहिष्कार की चर्चा के कारण टीवी चैनल सिद्धू को बाहर का रास्ता दिखा सकती है, तो क्या कांग्रेस उन्हें बाहर कर पाएगी? यदि नहीं तो फिर कांग्रेस पुलवामा हमलो पर सरकार को घेरने के लिए किस मुह से सवाल उठाएगी?
फोटो क्रेडिट-एनआई
