ऑस्ट्रेलिया में होने वाली टेस्ट सीरीज टीवी पर मैच देखने वाले भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए पर्व-त्यौहार वाले सीजन की तरह रही है। दिसम्बर की शुरुआत से लेकर जनवरी के अंत तक। ऑस्ट्रेलिया के बड़े और खूबसूरत मैदान, साफ नीला आकाश। मैच शुरू होने और समाप्त होने की टाइमिंग हमारे लिए बहुत अच्छी। सिडनी या मेलबर्न में मैच हों तो सवेरे 5 बजे से टीवी खोलकर बैठ जाना, घर वाले खुश कि लड़का भोर में उठ जा रहा है। टीवी खुलने पर उनको पता चल रहा कि नालायक पढ़ने नहीं मैच देखने उठा है।
1999-2000 सीरीज में मेलबर्न में सचिन के 116, सिडनी में लक्ष्मण के 167 … इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने क्लीन स्वीप किया। हम कोई उम्मीद भी नहीं कर रहे थे कि सीरीज हम जीतेंगे। एक तो वह स्टीव वॉ की ऑस्ट्रेलिया थी और दूसरे वह अपने घर में खेल रही थी।
2003-04 में एडिलेड में पोंटिंग के 242, द्रविड़ के 233, लक्ष्मण के 148, मेलबर्न में सेहवाग के 195, पोंटिंग के 257 और सिडनी में सचिन की फॉर्म में वापसी पर 241 की नाबाद पारी। एडिलेड में द्रविड़, लक्ष्मण और अगरकर के कारण बढ़त मिल गई थी। मेलबर्न में पहले दिन 278 पर सिर्फ 1 विकेट था और उस दिन लग रहा था कि यह सीरीज तो जीत रहे हैं। पता नहीं किसकी नज़र लगी और टीम 366 पर ऑल आउट हो गए। जबाब में पोंटिंग ने 257 ठोक दिए और ऑस्ट्रेलिया 9 विकेट से जीती। सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। सिडनी टेस्ट के आखिरी दिन स्टीव वॉ खड़े हो गए और टेस्ट बचा लिया। यह उनके महान करियर का आखिरी टेस्ट था। 32 शतकों सहित 10,927 से ज्यादा रन के साथ उन्होने क्रिकेट को अलविदा कहा।
इसके बाद 2007-08 वाली सीरीज में भी अपना बचपन ही था। इसलिए जोश में सीरीज जीतने की उम्मीद कर बैठे थे । मेलबर्न और सिडनी में हार मिली। हरभजन-सायमंड्स प्रकरण हुआ। उसके बाद पर्थ में वापसी और एडिलेड में ड्रॉ। सीरीज हार गए पर एकदम टक्कर वाली सीरीज रही।
2011-12 का ऑस्ट्रेलिया दौरा आज भी काँटे की तरह चुभता है लेकिन यह कह सकते हैं कि हमारे लेजेंड्स जिन पर हम निर्भर करते थे, वे करियर के आखिरी पड़ाव पर थे। विराट कोहली के टेस्ट करियर का पहला शतक चौथे टेस्ट में आया। विराट टीम के टॉप स्कोरर रहे और काफी हद तक पक्का हो गया था कि भविष्य के नम्बर 4 वही हैं।
2014-15 सीरीज हारे लेकिन एक टेस्ट बल्लेबाज के रूप में विराट कोहली ने अपना कद और बड़ा किया, 4 शतक के साथ 692 रन बनाकर। यह महेन्द्र सिंह धोनी के करियर की आखिरी टेस्ट सीरीज भी थी।
चार साल बाद हमारी टीम फिर से ऑस्ट्रेलिया में है। ऑस्ट्रेलिया के दो दिग्गज बल्लेबाज इस सीरीज से बाहर हैं। इसके बाद भी सीरीज जीतने के लिए वे फेवरेट हैं क्योंकि पहले तो वे घर में खेल रहे हैं, दूसरे उनके पास विश्व का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण है, मिचेल स्टार्क, पैट्रिक कमिन्स, जॉश हेजलवुड और नेथन लायन की बैट्री के रुप में. वैसे भी भारत का विदेशों में टेस्ट जीतने का रिकॉर्ड उत्साहजनक नहीं रहा। साथ ही, भारतीय टीम को सीरीज जीतने के लिए फेवरेट नहीं बताना एक टोटका भी है ताकि कोई नजर न लगे।
पहला टेस्ट 6 दिसम्बर से शुरू हो चूका है। मैच के दौरान पेट पूजा के लिए भूजा, चूड़ा-मटर, नमकीन और चिप्स आदि तैयार रखें और चाय-कॉफी का पूरा प्रबंध रखें, अच्छी सीरीज होने वाली है।
विराट कोहली और टीम इंडिया को शुभकामनाएं।
लेखक @EminentAuditor : पेशे से CA हैं व क्रिकेट और उसके इतिहास के जानकार हैं

1 Comment
905956 705256Thank you for your extremely great information and feedback from you. car dealers san jose 504828