1857 की क्रांति के बाद से जब भारत के रणबांकुरों ने हथियार उठाना शुरू किया, उसी समय यह सिद्ध हो चुका था कि अब यहां से आज़ादी दूर नहीं है.
1857 की क्रांति के बाद से जब भारत के रणबांकुरों ने हथियार उठाना शुरू किया, उसी समय यह सिद्ध हो चुका था कि अब यहां से आज़ादी दूर नहीं है.
2019 का चुनावी बिगुल बज चुका है. योद्धा मैदान में हैं. काफी कुछ ऐसा है जिसको लेकर अटकलें चल रही हैं. अब मीडिया का बाजार होता ही ऐसा है जहां पर