Tag: emotional journalists

Total 1 Posts

भावनाओं में बह रहे संपादक जी को लोपक प्रणाम!

रोज़गार मुक्त राष्ट्रवाद! यह किसी भाजपा विरोधी पार्टी का नारा नहीं है बल्कि ‘दैनिक भास्कर’ का दिया हुआ जजमेंट है. आप सोच रहे होंगे कि अखबार कोई जज तो है