वक़्त के अजीब रंग बालपन से ही देखे थे उसने. जन्म के कुछ साल ही बीते थे कि माई चल बसी. भरा-पूरा संयुक्त परिवार था, बड़की माई ने उसे आँचल
वक़्त के अजीब रंग बालपन से ही देखे थे उसने. जन्म के कुछ साल ही बीते थे कि माई चल बसी. भरा-पूरा संयुक्त परिवार था, बड़की माई ने उसे आँचल