आज भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना संकल्प पत्र देश के सामने रख दिया. ध्यान देने वाली बात यह थी कि इसका लेखा जोखा गृह मंत्री राजनाथ सिंह से प्रस्तुत करने को कहा गया जो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सांसद हैं.
इस मैनिफेस्टो में राष्ट्रवाद का मुद्दा भी दिखा और भारत के भविष्य का एक फ्रेमवर्क भी रखा गया जिसमे आगे की नीतियों पर विचार किया गया. भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य भी इसमें साफ झलक रहा था. विश्व में बदलते हुए परिवेश को देखते हुए यह संकल्प पत्र सामने रखा गया.
शुरुआत हुई राष्ट्रवाद से, जिसमे ‘राष्ट्र सर्वप्रथम’ के नारे के साथ देश की सुरक्षा को और पुख्ता करने की बात कही गयी. सीमा पर फेंसिंग, आधुनिक हथियारों को सेना में शामिल करने, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सैनिकों के पुनर्वास, सुरक्षाबलों का आधुनिकीकरण, अवैध घुसपैठियों को बाहर करना, सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल से बंग्लादेश और पाकिस्तान में रह रहे प्रताड़ित हिंदुओं की रक्षा, धारा 370 और 35A पर उसमें बात हुई है.
तटीय इलाकों को सुरक्षा प्रदान करने हेतु भी सख्त कदम उठाने का वादा है.. इसके साथ ही अति आवश्यक रक्षा सौदों को भी पूरा किया जाएगा जो पिछली सरकारों में नहीं होती थी.
मध्यम वर्ग के लिए भी 2022 तक सभी को घर देने का वादा, छोटे दुकानदारों को पेंशन, मध्यम वर्ग को टैक्स में कटौती, राष्ट्रीय व्यापार आयोग का गठन किया जाएगा. दूसरी ओर विकास के पैमानों पर भी यदि ध्यान दे तो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट पर ध्यान दिया जाएगा. इस क्षेत्र में 100 लाख करोड़ का पूंजीगत निवेश किया जाएगा. उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को 50 लाख तक के ऋण बिना सिक्योरिटी के देने के लिए नई योजना लाएंगे. इसमें पुरुष के लिए 25 और महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत के ऋण की गारेंटी सरकार लेगी.
वही 20,000 करोड़ रूपये के सीड स्टार्टअप फंड को बनाया जाएगा. अर्थव्यवस्था को और बढ़ाने के लिए यह कार्य आवश्यक हैं. 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर्स और 2032 तक भारत को 10 लाख करोड़ रुपयों की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य रखा गया है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारेंटी योजना भी है.
महिलाओं को भी प्राथमिकता में रखा गया है. मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक, हलाला के खिलाफ़ कानून लाने के लिए विधेयक का वादा किया गया है. वहीं देश में महिलाओं में उद्यमशीलता के विकास के लिए अपने कार्यालय में कम से कम 50% महिला कर्मचारी रखने वाले सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योगों द्वारा सरकार के लिए 10% उत्पाद खरीद को सुनिश्चित किया जाएगा.
शिक्षा जगत को भी इस संकल्प पत्र में छुआ गया है. 200 नए केंद्रीय विश्वविद्यालय और नवोदय विद्यालयों का वादा किया गया है. 2024 तक MBBS और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या दोगुनी करने की बात कही गयी है. भारतीय शैक्षणिक संस्थानों को विश्व की शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थाओं में लाने का पूरा प्रयास रहेगा. यही इस संकल्प पत्र के मुख्य उद्देश्यों में से एक है.
पहली नज़र में देखा जाए तो यह पूरा संकल्प पत्र 2014 के संकल्प पत्र का सीक्वल है. अंतर इतना है कि तब के संकल्प पत्र में लोगों की मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने की बात कही गयी थी. इस संकल्प पत्र में लोगों की आशा और आकांक्षाओं की बात की गई है.
भाजपा का चुनावी नारा स्पष्ट है. देखना यह होगा कि उसके वादों को अब जनता कितने नम्बर देती है.
