देश में चुनाव का समय हैं, और चुनावों में प्रोपेगंडा भी खूब चलता हैं, लेकिन देश के रक्षातंत्र के दावों को झूठा बताना, देश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करना हैं.
कल ऐसा ही कुछ हुआ, अमरीका के फॉरेन पॉलिसी नाम के मैगज़ीन ने एक रिपोर्ट निकाली जिसमे भारतीय वायु सेना के उस दावे पर शक ज़ाहिर किया गया की अभिनन्दन ने अपने मिग-21 से पाकिस्तानी F-16 मार गिराया, रिपोर्ट में किसी अधिकारी के बजाये अज्ञात सोर्स के हवाले से ये खबर हैं.
आम तौर पर ऐसी खबरों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती, लेकिन इस खबर को पाक आर्मी के स्पोकसपर्सन DG ISPR गफूर ने ट्वीट करके इसको सच्चाई की जीत बताया और भारतीय रक्षातंत्र को नसीहत दे डाली की सच के साथ आत्मनिरीक्षण करे.
इसके बाद तुरंत भारत विरोधी खबर छपने को लालायित न्यूज़ पोर्टल और न्यूज़ चैनल्स ने इस खबर को तरजीह देनी शुरू कर दी.
हालाँकि इस मसले पर भारीतय वायुसेना का पक्ष बिलकुल साफ़ हैं :-
“26 फरवरी को बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर भारतीय वायुसेना के हमले के बाद, PAF ने 27 फरवरी को एक अचानक हमले का प्रयास किया. PAF F-16, JF-17 और मिराज III / V विमान की एक बड़ी फॉर्मेशन को वायुसेना के रडार द्वारा उठाया गया था. उन्हें IAF Su30-MKI, मिराज -2000 और मिग -21 बाइसन लड़ाकू विमानों द्वारा ग्राउंड राडार और AWACS द्वारा निर्देशित किया गया था. PAF के किसी भी लक्ष्य पर हमला करने के सभी प्रयासों को भारतीय वायुसेना द्वारा विफल कर दिया गया था. इसके बाद हुए डॉग फाइट के दौरान, IAF के एक मिग 21 बाइसन ने नौशेरा सेक्टर में एक F-16 को मार गिराया था”
IAF ने अपने बयान में कहा
तभी आज एक और खुलासा हुआ जिसमे अमरीकी रक्षा विभाग और पेंटागन ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक वक्तव्य में ये साफ़ किया की उन्हें ऐसी किसी भी पाकिस्तानी F-16 के गिनती की कोई जानकारी नहीं हैं, ज्ञातव्य हो की अमरीकी मैगजीन फॉरेन पॉलिसी ने भी किसी सोर्स का ज़िक्र नहीं किया था.
इस मसले पर एक पक्ष ये भी हैं की अमेरिका अपने चौथे जेन F -16 को सोवियत ज़माने के मिग-21 से मारे जाने को अपने रक्षा उपकरणों की बेइज़्ज़ती देखता हैं, ऐसे में उससे किसी सच को स्वीकार करने की उम्मीद में हम तो न ही रहे, खासकर तब जब वो भारत के सिंगल इंजन फाइटर प्लेन कॉन्ट्रैक्ट में उसी F-16 के एक वैरिएंट F-21 को पिच कर रहा हैं.
एक और बात यहाँ ध्यान देने वाली हैं की पाकिस्तान के पास अमरीका के आलावा जॉर्डन से भी ख़रीदा F-16 हैं, भारतीय विशेज्ञों ने पहले ही दिन अभिनन्दन द्वारा मार गिराए विमान को जॉर्डेनियन F-16 बताया था. कहा जाता हैं की अमरीका द्वारा किये करार के अनुसार उसके द्वारा सप्प्लाई किये विमानों को बिना उससे पुछे किसी देश पर इस्तेमाल की मनाही हैं.
एक सवाल ये भी उठ रहा हैं की पाकिस्तान के साथ साथ आखिर और कौन कौन हैं जिनको इस प्रोपगंडा से फायदा होगा? आप खुद सोचिये
ऐसी खबरों पर विश्वास करने से बचे और भारतीय वायुसेना और रक्षा तंत्र पर विश्वास रखें.
दावा त्याग – लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. आप उनको फेसबुक अथवा ट्विटर पर सम्पर्क कर सकते हैं.

1 Comment
बहुत अच्छी व्याख्या