अभिव्यक्ति की आज़ादी और इस्लामिक आज़ादी का संघर्ष

देश में 2014 के बाद से ही ऐसा माहौल बताया जा रहा है, जहां लोगों को आज़ादी नहीं दी जा रही. किसी को अभिव्यक्ति की आज़ादी चाहिए, किसी को भारत तेरे टुकड़े होंगे बोलने की आज़ादी चाहिए. सोशल मीडिया अकाउंट से बीजेपी और नरेंद्र मोदी की आलोचनाओं की बौछार करने वालों को भी शिकायत है कि उन्हें आज़ादी नहीं है.

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में एक फैशन शो होना था पर कुछ छात्रों के प्रदर्शन के चलते यह शो नहीं हो पाया. तकरीबन 12 छात्रों के समूह ने इस फैशन शो का विरोध इसलिए क्योंकि ये गैर इस्लामी था.

इस फैशन शो का आयोजन 30 मार्च को ‘तर्ज-ए-लिबास’ एक्सटेसी फेस्टिवल के तहत होना था. इसके शुरू होने से पहले 12 लोगों ने प्लेकार्ड दिखाकर इसका विरोध किया जिसमें लिखा था कि फैशन शो जामिया के मूल विचार के खिलाफ है.

स्टूडेंट्स ऑफ जामिया के सदस्य अरशद वारसी के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में आयोजनकर्ताओं को कहा कि यह कार्यक्रम ‘इस्लामिक आचार’ के खिलाफ है. आयोजनकर्ताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. इसके बाद वे वेन्यू पर सुबह 10 बजे पहुंच गए.

यह पहली बार नहीं है जब किसी चीज़ का विरोध गैर इस्लामी बताकर किया जा रहा है. पिछले वर्ष प्रिया प्रकाश वारियर के एक मशहूर गाने में आंख मारने वाले सीन के ख‍िलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. इसमें कहा गया था कि फिल्म ‘उरु अदार लव’ के एक सीन में दिखाया गया प्रिया का विंक इस्लाम में हराम है. गाने के ख‍िलाफ हैदराबाद की दो पार्ट‍ियों ने मामला दर्ज कराया था.

कुछ ही दिन पहले महिला पत्रकार आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने देशवासियों को होली की बधाई दी लेकिन कुछ लोगों को ये अच्छा नहीं लगा और उन्हें ट्रोल कर भद्दे ट्वीट्स किये गए. आरफ़ा ख़ानम ने गुरुवार को अपनी एक दोस्त के साथ तस्वीर शेयर करते हुए ट्वीट कर लिखा; “होली खेलूंगी कहके बिस्मिल्ला, होली मुबारक दोस्तों.”

इसके बाद वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन द्वारा आयोजित वीमेंस लीडरशिप सम्मिट में अरफा खानम शेरवानी का मंगलवार को शामिल होना भी रद्द कर दिया गया. छात्र संघ उपाध्यक्ष हमजा सुफयान सहित कई नेता आरफा के ट्वीट का विरोध कर रहे थे.

सोचने की बात यह है कि ऐसा कुछ किसी हिन्दू संगठन के कारण हुआ होता तो मीडिया चैनल इस पर काफी बवाल करते. अजीब बात यह है कि धर्म निरपेक्षता की बात करने वाले इन्हीं यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की जब खुद इसका प्रदर्शन करने की बार आती है,तब वो पीछे हट जाते हैं.

Writer by fluke, started with faking news continuing the journey with Lopak.