कमलनाथ: वादा मोबाइल फैक्ट्री का और चरवाहा बनाने की तैयारी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक बयान ‘पकौड़े बेचना भी रोजगार है’ को तूल देकर पूरे विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार की घेराबंदी की थी. कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि यदि पकौड़े बेचना रोजगार है तो भीख मांगने को भी रोजगार मानना चाहिए. लेकिन अब कांग्रेस ने कई कदम आगे बढ़कर युवा स्वाभिमान योजना के अंतर्गत युवाओं को गाय हांकने की ट्रेनिंग देने का फैसला किया है.

हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की जिन्होंने ऐलान क‍िया है क‍ि मध्य प्रदेश में पशु हांकने, चराने व बैंड-बाजे की ट्रेन‍िंग से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. इस योजना का आरंभ स्वयं मुख्यमंत्री कमलनाथ के संसदीय क्षेत्र रहे छ‍िंदवाड़ा से करने की तैयारी की जा रही है.

गौरतलब है कि 9 मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सीआईआई के एक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए जहाँ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर वार्ता हो रही था. इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि वह मध्यप्रदेश के युवाओं को बैंड बजाने की ट्रेनिंग प्रदान करने की सुविधा उपलब्ध कराएंगे. सीएम चाहते हैं कि देश भर में शादी समारोह में जो बैंड होते हैं, वे मध्य प्रदेश से हों.

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पकौड़े बनाने को रोजगार से जोड़ने वाले बयान का विरोध करने वाली कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में सरकार बनते ही पशुओं को हांकने व चराने का काम देने का फैसला किया है. इसके लिए हाल ही में शुरू की गई युवा स्वाभिमान योजना में प्रावधान रखा गया है. इस योजना में सरकार युवाओं को ट्रेन‍िंग देगी कि कैसे पशु हांके और चराए जाते हैं. इसके लिए सरकार ने वकायदा स्टाइपेंड का प्रावधान भी रखा है.

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मध्यप्रदेश सरकार के इस फैसले को भाजपा ने प्रदेश के युवाओं के साथ भद्दा मजाक बताया है. इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश का युवा वर्ग नाराज़ है. प्रदेश के युवाओं का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने हमसे झूठ बोला है. उद्योगों व कारखनों का वादा करके सत्ता में आने के बाद कांग्रेस अब हमसे पशु हांकने का काम करवाना चाहती है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी रैली के दौरान अधिकांश जगहों पर वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनी तो मोबाइल की फैक्ट्री लगवायेंगे लेकिन अब पशु चरवाकर रोजगार देना चाहती है. कांग्रेस के इस फैसले से मध्यप्रदेश के युवाओं में काफी आक्रोश है. युवाओं का कहना है कि कांग्रेस अपना वादा पूरा करना नहीं जानती व पढ़े लिखे लोगों का मजाक उड़ा रही है.

आने वाले महीनों में लोकसभा चुनाव हैं तो देखना यह है कि पिछले लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में 2 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस को प्रदेश का युवा उसके इस फैसले का क्या जवाब देता है. ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को बहुमत प्राप्त नहीं हो सका था और उसे बसपा से समर्थन मांगना पड़ा था.

3 Comments

  1. March 11, 2019 - 1:30 am

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