पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव पड़ रहा था. तभी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सफाई में एक एडिटेड वीडियो जारी किया है. इमरान खान ने जो कहा है, वह एक डिप्लोमैटिक बचाव है. लेकिन जो असली बयान आया है, वह पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख राशिद अहमद का है.
शेख राशिद ने वीडियो जारी कर धमकी दी है कि अगर जंग हुई तो हिंदुस्तान में फिर कभी न घास उगेगी, न चिड़िया चहकेगी और न मन्दिरों में घण्टियाँ बजेंगी. भारत की सेकुलर एस्टेब्लिशमेंट भले ही शेख राशिद के बयान को एक बड़बोले और नशेड़ी राजनेता का बयान बताकर उसे खारिज कर रही है लेकिन हमें यह समझने की जरूरत है कि यह बयान बहुत सोच समझकर दिया गया है और यह पाकिस्तान के मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट का हिंदुस्तान की सरकार को खुली धमकी है.
पाकिस्तान की राजनीति में शेख राशिद एकमात्र आदमी है जो खुद को सार्वजनिक रूप से पाकिस्तानी फौज का राजनीतिक प्रतिनिधि बताता रहा है. वह पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय रावलपिंडी से चुनाव लड़ता है और सेना के हुक्मरानों के इशारे पर राजनीतिक निष्ठा बदलता रहता है. जब पाक फौज बेनजीर के खिलाफ नवाज शरीफ के साथ थी तो शेख राशिद नवाज की सरकार में मंत्री था. जब मुशर्रफ ने नवाज को बाहर का रास्ता दिखाया तब भी आर्मी की मदद से बनी नई सरकार में शेख राशिद को मंत्री बनाया गया था. अब जब इमरान खान पाकिस्तानी सेना के नये टट्टू बनकर शासन में आये हैं, तब शेख राशिद को फिर से मंत्री बनाया गया है. शेख राशिद अपनी पार्टी का इकलौता सांसद है और रावलपिंडी के बाहर उसकी राजनीतिक हैसियत शून्य ही है. लेकिन फिर भी पाक सेना के इशारे पर ही उसे रेलवे जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है.
ऐसे में यदि शेख राशिद एक रिकॉर्डेड वीडियो के माध्यम से हिंदुस्तान को परमाणु जंग की धमकी दे रहा है तो यह मानना उचित ही रहेगा कि वह पाकिस्तान के सेना की भाषा बोल रहा है. इमरान खान जानते हैं कि जंग हुई तो उनकी सरकार एक साल भी पूरा नही कर सकेगी लेकिन शेख राशिद को कोई फर्क नही पड़ता। वह अगली सेना समर्थक सरकार में भी मंत्री होगा.
लेकिन पाकिस्तान को अपने चोरी के परमाणु हथियारों पर बहुत ज्यादा गुमान करने की जरूरत नही है. क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत, पाकिस्तान की तुलना में 4 गुणा बड़ा है तो जनसँख्या की दृष्टि से 6 गुणा बड़ा है. भारत ने भी अपने परमाणु हथियार ऐसे हालात से निबटने के लिए ही बना रखे हैं और पाकिस्तान की तुलना में दुगुनी तेजी और अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइल भी इसी दिन के लिये तैनात कर रखे हैं. कोई भी जिम्मेदार देश परमाणु युद्ध कभी नही चाहेगा.
लेकिन जिम्मेदार और पाकिस्तान कभी कभी ही एक वाक्य में आते हैं. ऐसे में यदि दुर्भाग्य से कभी ऐसे हालात आ भी जाते हैं कि जब भारत और पाकिस्तान में परमाणु युद्ध हो जाये तो भी भारत में घास उगती रहेगी, चिड़िया चहचहाती रहेगी और घण्टियाँ भी बदस्तूर बजेंगी। लेकिन कुछ मिनटों के अंदर ऐसा प्रलय मचेगा कि लाहौर से कराची कोई परिंदा भी नही बचेगा.
इसलिए बेहतर यही होगा कि पाक सेना जैश ए मोहम्मद के सरगना अजहर मसूद को भारत को सौंप कर एक नई शुरुआत करे क्योंकि आज हिन्दुस्तान में जो गुस्सा है, उसे देखते हुए यह तय माना जाना चाहिये कि पकिस्तान को पुलवामा का दंड अवश्य मिलेगा

1 Comment
पाकिस्तान।ॢ(शाब्दिक अर्थ पव्रित्र जगह) और उसके तमाम हुक्मरानों ने अपने देश की जड़ें खुद ही खोखली की हुई है ,जिसका अंजाम भुगतभी रहे हैं और आगे और भी बुरी तरह भुगतेंगे।
परमाणु हमले में भारत का कुछ हिस्सा ही बर्बाद होगा पर पाकिस्तान दुनिया के नक्शे से खत्म हो जायेगा। तो उनके बयानों का स्वागत है ।आपको याद दिलाना चाहता हूं,अयूब खान ,याहाया खान ,जीयाउल हक और भुट्टो की ,इन सब की बुरी तमन्नाओं को वहीं जगह नसीब हुई है जहां वो सब पड़े हैं।
वर्तमान और भविष्य दोनों उस देश के और उनके पैरोकार भारतीय भीतरघातियो के अच्छे नहीं हैं और न होंगे।
भारतभूमि महान विभूतियों की सरजमीन है ।यह इस संसार में पहली सभ्यता थी और आखरी भी रहेगी ऐसा मेरा विश्वास है, कुछ भीतरघात करने वाले लोगों के कारण परेशान जरुर हुई । इसका कोई सर्वनाश नहीं कर सकता जब तक प्रभु का आदेश न हो।प्रलय तो आनी है अब कोई नहीं जानता।
पाकिस्तान जो करेगा वही भरेगा। ऐसा ही जैसी भस्मासुर की कहानी है।