प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अगस्ता-वेस्टलैंड वीआईपी चॉपर घोटाले में बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में हलफनामा दायर किया. इस हलफनामे में ईडी ने अदालत से अगस्ता वेस्टलैंड मामले में गिरफ्तार बिचौलिए सुशेन मोहन गुप्ता से पूछताछ करने के लिए अवधि बढ़ाने की अपील की.
ईडी की इस अपील को स्वीकार करते हुए ने कोर्ट ने अवधि को तीन दिन और बढ़ा दिया. इससे पहले कोर्ट ने सुशेन से पूछताछ के लिए ईडी को चार दिन का समय दिया था, जिसकी मियाद बुधवार को पूरी हो रही थी.
जांच एजेंसी ने अपने हलफनामे में कोर्ट से यह भी कहा कि हम ‘आरजी’ की पहचान की कोशिश कर रहे हैं, जिसका जिक्र आरोपी सुशेन मोहन गुप्ता की डायरी में किया गया है. दरअसल, यह वही डायरी है जो जांच एजेंसी को सुशेन से प्राप्त हुई थी.
ईडी के वकील डीपी सिंह और एनके मट्टा ने अदालत को बताया; “ईडी चाहती है कि गुप्ता ने अपनी डायरी में जिस ‘आरजी’ के नाम पर 50 करोड़ से ज्यादा की एंट्रियां की हैं उसकी पहचान किया जाना आवश्यक है.”
जांच एजेंसी ईडी के वकीलों ने दलील दी कि गुप्ता से हिरासत में पूछताछ किया जाना जरूरी है, क्योंकि वह लगातार जांच के दौरान जानबूझकर ‘आरजी’ के संबंध में गलत जानकारियां दे रहा है जबकि उसकी डायरी के कई पन्नों के अलावा पेन ड्राइव के डाटा में भी आरजी का जिक्र है.
वकीलों ने दावा किया कि डायरी में 2004 से 2016 के बीच ‘आरजी’ को 50 करोड़ रुपए दिए जाने का जिक्र है. वकीलों ने यह भी बताया कि सुशेन मोहन गुप्ता ने आरजी की पहचान रजत गुप्ता नामक व्यक्ति के तौर पर की है. सुशेन ने कहा है कि वह केवल एक आरजी को जानता है जो कि रजत गुप्ता है. इस मसले पर रजत गुप्ता ने भी 2007 के बाद सुशेन के साथ कैश ट्रांजैक्शन होने की बात स्वीकार की है.
हालांकि रजत गुप्ता ने आरजी के नाम हुए लेनदेन से इनकार किया है. उसका कहना है कि वह आरजी नहीं है. ईडी ने कोर्ट को बताया कि सुशेन सही तथ्य नहीं बता रहा है, वह यह भी नहीं बता रहा है कि असली ‘आरजी’ कौन है जिसके नाम पर 50 करोड़ की एंट्रियां की गई हैं.
सनद रहे, इससे पहले ईडी ने कोर्ट को बताया था कि डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल ने अपने वकील को चोरी-छिपे एक चिट थमाकर पूछा था कि मिसेज गांधी से जुड़े सवालों के क्या जवाब देने हैं. ईडी ने दावा किया था कि अगस्ता-वेस्टलैंड को भेजे पत्र में मिशेल ने इटली की महिला के बेटा के ‘एक बड़ा आदमी आर’ होने और अगला प्रधानमंत्री बनने की बात कही है. मिशेल ने इन लोगों का नाम किस सिलसिले में लिया और यह दोनों कौन हैं, फ़िलहाल इस बारे में ईडी ने कुछ भी नहीं बताया है.
ज्ञात हो कि 2010 में भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए एंग्लो-इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच करार हुआ था. लेकिन बाद में आरोप लगा कि इसमें 360 करोड़ रुपये का कमीशन लिया गया है. इसके बाद इन वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की सप्लाई के करार पर सरकार ने फरवरी 2013 में रोक लगा दी थी.
जिस वक्त यह आदेश जारी किया गया, उस वक्त भारत 30 फीसदी भुगतान कर चुका था और शेष भुगतान की प्रक्रिया भी चल रही थी. इस डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगा, तब 3600 करोड़ रुपए के इस करार को भारत सरकार ने जनवरी 2014 में रद्द कर दिया था. इसके बाद यह मामला इटली की अदालत में चला जहां ये बातें उजागर हुईं कि 53 करोड़ डॉलर का ठेका पाने के लिए कंपनी ने भारतीय अधिकारियों को 100-125 करोड़ रुपये तक की रिश्वत दी थी. इतालवी कोर्ट के फैसले में पूर्व आईएएफ चीफ एसपी त्यागी का भी नाम सामने आया था.
बता दें कि ईडी ने डील से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के भांजे रतुल पुरी को भी नोटिस भेजा है. कोर्ट से जांच एजेंसी ने बताया कि हिंदुस्तान पॉवर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन पुरी और सुशेन मोहन गुप्ता को आमने-सामने रखकर पूछताछ की जानी है.
अब देखना यह है कि अगस्ता वेस्टलैंड मामले में अभी और क्या-क्या खुलासे होने बाकी हैं. लेकिन राजनीतिक हल्कों में यह सवाल उठने लगा है कि कहीं क्रिश्चियन मिशेल के अनुसार मिसेज गांधी का लड़का व सुशेन गुप्ता के अनुसार ‘आरजी’ तथा कांग्रेस नेता व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के भांजे का नाम सामने आने से इस मामले का सीधा संबंध कांग्रेस व उसके अध्यक्ष राहुल गांधी से तो नहीं, क्योंकि ‘आरजी’ का मतलब राहुल गांधी भी तो हो सकता है. यदि ऐसा होता है तो यह भारतीय राजनीति में बहुत बड़ा भूचाल ला सकता है.
