लोकसभा चुनावों से पूर्व कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. कांग्रेस के प्रवक्ताओं सहित दिग्गज नेताओं के बयानों से पार्टी को सोशल मीडिया सहित पूरे देश में लगातार पहले ही ट्रॉल किया जा रहा था.
लेकिन अब पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के कारण ही कांग्रेस को मुश्किलों का सामान करना पड़ रहा है. राहुल गांधी अपने बेतुके बयानों के कारण हमेशा ही चर्चा में रहे हैं, किन्तु अब उन पर कोर्ट की अवमानना का आरोप लग रहा है.
राहुल पर यह आरोप भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने लगाया है. मीनाक्षी लेखी का आरोप है कि राहुल गांधी के राफेल डील मामले में दिए गए बयानों से सुप्रीम कोर्ट की अवमानना हुई है. इसलिए उन्होंने राहुल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से कोर्ट के अवमानना की कार्रवाई करने की अपील की है.
मीनाक्षी लेखी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट भी सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है. मुख्य न्यायाधीस जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि वह इस याचिका पर 15 अप्रैल को सुनवाई करेंगे.
मीनाक्षी लेखी ने अपनी इस याचिका में कहा है कि राहुल गांधी ने अपनी निजी टिप्पणियों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा किया हुआ फैसला बताया है. राहुल की इस टिप्पणी से लोगों के मन में गलत धारणा पैदा करने की कोशिश की है.
मीनाक्षी लेखी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने संवैधानिक पीठ से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने टिप्पणी की थी कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है ‘चौकीदार चोर है’.
गौरतलब है कि राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार को क्लीन चिट दी जा चुकी है. इसका उल्लेख सरकार की ओर से भी बार-बार किया गया है. लेकिन गत 10 अप्रैल को ही कोर्ट ने एक अखबार द्वारा छापे गए कागजों को दस्तावेज मान लिया और राफेल पर पुनर्विचार याचिका स्वीकार कर ली थी.
किन्तु अब तक सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई भी फैसला नहीं दिया गया है और न ही सरकार के विरोध में कोई भी ऐसी टिप्पणी की गयी है, जिसका उल्लेख राहुल गांधी ने अपने भाषणों में किया है. ज्ञात हो कि राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलती रही है.
राहुल गांधी इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा करते रहे हैं. लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि वह देश के नागरिक हैं, एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष हैं, अदालत नहीं.
राहुल की प्रधानमंत्री पर अमर्यादित और असंयमित टिप्पणियां कांग्रेस के लिए घातक साबित हो सकती हैं, क्योंकि देश की जनता सब समझती है. ज्ञात हो कि राहुल नेशनल हेराल्ड केस में मां सोनिया गांधी सहित जमानत पर हैं.
साथ ही उनके जीजा व प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा भी मनी लांड्रिंग केस में जमानत पर हैं. जबकि प्रधानमंत्री पर विपक्ष द्वारा किया सिर्फ आरोप लगाए गए हैं.
देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट का, कोर्ट की अवमानना मामले में 15 अप्रैल को क्या रुख रहता है. यदि शीर्ष अदालत द्वारा राहुल को कोर्ट की अवमानना मामले में दोषी पाया गया तो उन्हें जेल भी हो सकती है.
अदालत से जुड़े किसी भी निर्णय में सावधानी बरतनी चाहिए. किन्तु राहुल गांधी ने अति उत्साह में आकर राफेल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ऐसे बयान दिए जैसे राफेल डील में भ्रष्टाचार होने व प्रधानमंत्री मोदी के उसमे.लिप्त होने पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद मुहर लगा दी हो.
ज्ञात हो कि अदालत की अवमानना धारा 15 का उल्लंघन मानी जाती है. इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अपराधी को छह माह का कारावास या 2 हजार रुपए तक का दंड या दोनों सजा देने का प्रावधान है.
राहुल यदि दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कारावास-दंड की सजा भी सुनाई जा सकती है. हालांकि अदालत अपराधी को क्षमा भी कर सकती है, यदि अपराधी क्षमा मांगे. यह अदालत का विवेकाधिकार है.
