प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर अपना नाम बदल दिया है. उन्होंने ‘मैं भी चौकीदार’ कैंपेन के तहत अपने ट्विटर हैंडल का नाम बदलते हुए चौकीदार नरेंद्र मोदी कर लिया है. प्रधानमंत्री द्वारा नाम बदले जाने के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, कैलाश विजयवर्गीय समेत कई नेताओं ने ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द जोड़ लिया है.
ट्विटर पर पीएम मोदी का नया नाम चौकीदार नरेंद्र मोदी व अमित शाह का नया नाम- चौकीदार अमित शाह हो गया है. इसी प्रकार अन्य भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया उपयोक्ताओं ने भी अपने नाम के आगे चौकीदार जोड़ना शुरू कर दिया है.
बता दें कि शनिवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके कहा था कि प्रत्येक देशवासी जो भ्रष्टाचार, गंदगी व सामाजिक बुराइयों से लड़ रहा है, वो एक चौकीदार है. भारत के विकास के लिए कड़ी मेहनत करने वाला हर व्यक्ति चौकीदार है. हर कोई जो भारत की प्रगति के लिये कठिन परिश्रम कर रहा है, वह एक चौकीदार है. आज लाखों भारतीय कह रहे हैं कि मैं भी चौकीदार. प्रधानमंत्री के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर #MainBhiChowkidar ट्रेंड करने लगा.
प्रधानमंत्री स्वयं को प्रधान सेवक और चौकीदार पहले भी बता चुके हैं. इसी चौकीदार शब्द को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफ़ेल मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया था. इस नारे पर कांग्रेस की काफ़ी किरकिरी भी हुई थी, क्योंकि देश की बड़ी एजेंसी CAG व सुप्रीम कोर्ट से सरकार को क्लीन चिट मिल गई थी. लेकिन राहुल ने अपनी रैलियों में ‘चौकीदार चोर है’ के नारे का लगातार उपयोग किया. अब इस नारे के जवाब में ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान चलाया जा रहा है. मीडिया खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा ‘मैं भी चौकीदार’ का ज़िक्र करने के बाद शनिवार शाम को ही गुजरात में ‘मैं भी चौकीदार’ लिखी हुई शर्ट्स बाज़ार में आ गई थी.
ज्ञात हो कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व भी नरेंद्र मोदी जी पर भद्दी टिप्पणीयाँ की गईं थीं. सपा नेता नरेश अग्रवाल ने मोदी जी के लिए कहा था कि चायवाला कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकता. इसके बाद पूरे देश के चायवालों ने इस बात का विरोध किया था. साथ ही भाजपा ने इसे गरीब वर्ग का अपमान बताया था. कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा भी नरेंद्र मोदी जी को ‘चायवाला’ कहे जाने पर भी भरपूर विरोध हुआ था. मणिशंकर अय्यर के इस बयान को तत्कालीन भाजपा प्रवक्ता व वर्तमान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूरे भारत का अपमान बताया था. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अहमद पटेल ने भाजपा द्वारा शुरू की गई ‘चाय पर चर्चा’ को चुनावी दांव करार दिया था, साथ ही कहा था कि मोदी ने कभी चाय नहीं बेची. जिसके बाद पूरे देश में कांग्रेस की छवि और अधिक धूमिल होती चली गयी. नरेंद्र मोदी पर किए गए प्रत्येक हमले व टिप्पणियों का ज़िक्र भाजपा द्वारा चुनावी रैलियों में किया गया, जिसका उसे भरपूर लाभ मिला.
यूँ तो 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर तेज थी, किन्तु कांग्रेस के इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया था. जिसके बाद जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत व कांग्रेस को मात्र 44 सीटों में ही सीमित कर दिया था. अब देखना यह है कि ‘मैं भी चौकीदार’ मुद्दा कहाँ तक जाता है, किसे सरकार मिलती है व किसे मात्र सरोकार. हालांकि एक बात तय है कि ‘चौकीदार’ मुद्दे पर बात निकली है तो दूर तलक़ जाएगी.
खबर है कि पीएम मोदी 31 मार्च को औपचारिक रूप से ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान की शुरुआत कर देश की जनता को संबोधित करेंगे. इसके अतिरिक्त नमो एप पर ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान के तहत संकल्प लेने की मुहिम भी शुरू की जाएगी.
दावा त्याग – लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. आप उनको फेसबुक अथवा ट्विटर पर सम्पर्क कर सकते हैं.



6 Comments
Main bhi chaukidar Hun
Yes.. Mein bhi. Chowkidar
मैं भी चौकीदार
Main bhi Chokidar hu
Chaukidaar ki jagah nautankibaaz hona chahiye. Rafel ki file chori ho gyi aur bante hai chakidaar.
Mainbhichowkidarhun