सोशल मिडिया पर चल रहा है एक हाइब्रिड वॉर

सोशल मीडिया सुदूर या गुमनाम होते हुए भी लोगों से पहचान बनाने का माध्यम हो गया है. सोशल मीडिया इंटरनेट के माध्यम से एक ऐसा वर्चुअल वर्ल्ड बनाता है जिसके उपयोग से सोशल साइट्स द्वारा लोगों से आसानी से जुड़ा जा सकता है व अपनी बात कही जा सकती है. आज सोशल मीडिया समाज में अपना स्थान बना चुका है. आम जन भी सोशल साइट्स द्वारा अपने विचार अन्य लोगों तक पहुँचा सकते हैं. वर्तमान परिवेश में सोशल मीडिया का उपयोग गलत कार्यों में भी किया जा रहा है, कभी अफ़वाह फैलाने में तो कभी किसी को परेशान करने में.

लेकिन क्या कभी सोचा जा सकता था कि इससे आतंक भी फैलाया जा सकता है. किन्तु यह सच है वर्तमान समय में इसका प्रयोग आतंकी संगठन भी कर रहे हैं जिनका पहला कार्य है आतंक फ़ैलाना व आतंक फैलाने के लिए और लोगों को भी जोड़ना. अभी बीते कुछ महीनों से आतंकी संगठनों व देश विरोधी ताकतों द्वारा भारत के विरुद्ध प्रोपेगैंडा किया जा रहा है. इसमें फेक अकाउंट्स द्वारा भारत के खिलाफ लगातार लिखा जा रहा है.

ये अकॉउंट प्रमुख रूप से फेसबुक व ट्विटर दोनों ही सोशल प्लेटफॉर्म पर हैं. इनकी ख़ासियत यह है कि ये भारत विरोधी प्रचार करने के लिए नई-नई नीति बनाते हुए काम करते हैं. पहले भी इस प्रकार के अकाउंट्स सोशल साइट्स पर थे लेकिन अब इनमें अकाउंट्स की लोकेशन या देश के नाम में भारत ही उपयोग किया जा रहा है, ताकि भारतीय समाज व अन्य देशों तक यह मैसेज पहुँचे कि भारत के लोग ही भारत की ख़िलाफ़त कर रहे हैं, तब निश्चित ही यह राष्ट्र ही खराब है.

इनकी नीति का अगला हिस्सा जेंडर व सेलेब्स हैं. इस प्रकार के अकाउंट्स पहले केवल फीमेल ही होते थे. यदि मेल होते भी थे तो कम ही होते थे, लेकिन अब फ़ीमेल के साथ-साथ मेल भी हैं. इनके शेयर या रीट्वीट ऑपोज़िट जेंडर के अकाउंट से किया जाता है, अर्थात् यह दिखाने का प्रयास किया जाता है कि यह अकॉउंट ओरिजनल है, व उनकी बात का समर्थन पुरुष व महिला दोनों ही तबके करते हैं. साथ ही भारतीय सेलेब्स के ट्वीट्स या पोस्ट को कोट करते हुए शेयर करने का काम भी ये कर रहे हैं.

नाम व धर्म इनकी नीति के प्रमुख हिस्सों में है, भारत का एक नाम हिंदुस्तान भी है. साथ ही भारत में सर्वाधिक संख्या हिंदुओं की है. इसलिए इस तरह के फेक अकाउंट्स में धर्म के कॉलम में हिन्दू लिखा जाता है, या फिर इस प्रकार के नाम का उपयोग किया जाता है जो कि हिंदुओं में आमतौर पर प्रचलित हैं. साथ ही कुछ अकॉन्ट्स ऐसे हैं जो भारतीय सेना के ऑफिसर्स के नाम से बनाए गए हैं, जिनके द्वारा धड़ल्ले से फेक न्यूज़ वायरल की जा सकती है, व भारत के ख़िलाफ़ माहौल तैयार किया जा सकता है.

इस प्रकार के अकाउंट्स की अगली नीति होती है राष्ट्रभक्ति. आप सोच रहे होंगें कि राष्ट्र विरोधी बात करने वाले फेक अकाउंट्स की नीति राष्ट्रभक्ति कैसे हो सकती है. किन्तु यह सत्य है इस प्रकार के अकाउंट्स द्वारा राष्ट्रीयता से ओतप्रोत स्लोगन भी पोस्ट किए जाते हैं, ताकि समाज तक यह बात भी पहुँचे कि जिस व्यक्ति का यह अकाउंट है, वह कट्टर राष्ट्रभक्त है, लेकिन सरकारी सिस्टम या अन्य नीतियों से परेशान है. बीते कुछ दिनों से इनका टारगेट भारतीय सेना रही है, सोशल प्लेटफॉर्म पर भारतीय सेना को कश्मीर मुद्दे पर अत्यधिक ट्रॉल किया जा रहा है. और अब जबकि आज सेना द्वारा आतंकियों को मारा जा रहा है तो इनका टारगेट सरकार हो चुकी है.

हमें चाहिए कि इस तरह के किसी भी अकाउंट्स को न तो फॉलो करें और न ही इनके द्वारा प्रचारित की जा रही किसी भी खबर को शेयर करें. साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी अफवाहों से दूर रहने की सलाह देते रहें. ख़ैर, इन सब के बीच अब देखना यह है कि जबकि इस तरह के अकाउंट्स भारत विरोधी कार्य कर रहे हैं और साथ ही पाकिस्तान की तरफदारी करते हैं, और अभी वर्तमान सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं तो ये आने वाले चुनाव में इनका रुख क्या रहता है, क्योंकि भारत की भोली भाली जनता जो भी पढ़ लेती है उसे ही सच मान लेती है.

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