आप करें तो अपील हम करें तो प्रोपेगांडा, बॉलीवुड के 600 बनाम बॉलीवुड के 900

दो तीन दिन पहले लोकसभा चुनावों में पॉलिटिक्स के मुद्दे से दूर रहने वाले एक्टर्स, डायरेक्टर्स और थियेटर आर्टिस्ट्स ने अचानक जाग कर बीजेपी सरकार को वोट ना देने की अपील की थी. इन नामों में विशाल भारद्वाज, अनुराग कश्यप, इम्तियाज अली से लेकर नसीरुद्दीन शाह जैसे कई दिग्गज कलाकार शामिल हैं. प्रो मोदी और एन्टी कांग्रेस फ़िल्म को प्रोपेगैंडा बताने वाले ये कलाकार खुद का प्रोपेगंडा चला रहे हैं.

कलाकारों के मुताबिक, मोदी सरकार में असहिष्णुता बढ़ी हैं, संवैधानिक संस्थाओं पर हमले बढ़े हैं और ध्रुवीकरण के हालात भी तेज हुए हैं. इसके अलावा बेरोजगारी और खस्ता अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों ने भी केंद्र सरकार की परेशानियां बढ़ाई हैं. इस मामले में अब एक्टर रणवीर शौरी ने एक वीडियो पोस्ट किया है और उन्होंने बिना नाम लिए पारिवारिक पार्टी पर निशाना साधा है.

रणवीर शौरी ने कहा, कुछ आर्टिस्ट्स लोगों को ना केवल वोट देने की अपील कर रहे हैं बल्कि वे लोगों को ये भी बता रहे हैं कि आखिर आप लोगों को किसे वोट देना चाहिए. क्या हमारे देश की मौजूदा समस्याएं पिछले पांच सालों से ही हैं? क्या हमारा देश 2014 से पहले सही राह पर था? क्या हमारे देश में पांच साल पहले दंगे नहीं हुए? क्या गरीब लोगों की धर्म के नाम पर पांच साल पहले हत्याएं नहीं हुई? क्या बेरोजगारी और भुखमरी पहले समस्या नहीं थी? क्या पांच साल पुरानी सरकार को इन सबका जिम्मेदार ठहराना सही होगा? भारत जैसे विशालकाय देश के लिए पांच सालों में सभी समस्याएं सुलझा पाना मुमकिन नहीं है.

रणवीर ने ऐसे सवाल पूछे हैं जिनका शायद किसी भी लिबरल गैंग के व्यक्ति के पास जवाब ना हो। इन सवालों ने अवार्ड वापसी और असहिष्णुता गैंग के दोगलेपन को आइना दिखाया है. सवाल यह नहीं कि है कि आज तक कभी ना बोलने वाले अब क्यों बोल रहे हैं पर सवाल यह है आवाज़ उठाते समय वो यह क्यों देखते हैं कि मरने वाले का धर्म क्या है, मारने वाले का धर्म क्या है, क्या जिस राज्य में यह घटना हुई वह बीजेपी शासित है या नहीं और इसी के मुताबिक़ आक्रोश जताया जाता है . मुस्लिम के लिए भी आवाज़ उठाते वक़्त यह ध्यान में रखा जाता है की राज्य बीजेपी शासित ही हो. तो जिस धर्म के हितैषी होने का दावा यह करते हैं उसमें भी पक्षपाती रवैया अपनाते हैं.

60 साल तक राज करते रहे परिवार पर हमला बोलते हुए शौरी ने कहा ‘जो लोग पिछले साठ सालों में समस्याओं को सुलझा नहीं पाए वे अब न्याय की बात कर रहे हैं. क्या ये सही है कि एक ही परिवार पीढ़ियों तक देश पर राज करता रहे?’ शौरी ने यह भी कहा कि सभी लोगों को अपनी खुद की सोच के हिसाब से वोट देना चाहिए और दूसरों से प्रभावित होने की जगह वोट देते समय अपना खुद का दिमाग लगाना चाहिए.

शौरी ही नहीं कला व साहित्य के से जु़ड़े लोग और 900 से ज्यादा कलाकार बुधवार को खुलेकर भाजपा के समर्थन में आगे आए हैं और लिखा है कि ‘आज देश को मजबूत सरकार’ की जरूरत है न कि ‘मजबूर सरकार’ की. ‘नेशन फर्स्ट कलेक्टिव’ के बैनर तले यह बयान जारी किया गया, जिस पर पंडित विश्व मोहन भट्ट, पंडित जसराज, उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान, शंकर महादेवन, मालिनी अवस्थी, सहित अन्य कलाकारों ने हस्ताक्षर किए.

जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ‘हम रचनात्नक कलाकार और साहित्य क्षेत्र से जुड़े लोग अपने सभी साथी नागरिकों से बिना किसी दबाव और पक्षपात के नई सरकार चुनने के अपने अधिकार का प्रयोग करने की अपील करते हैं.” इसमें कहा गया है, ‘हमारा दृढ़ विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार समय की मांग है। आआतंकवाद जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं, हमें एक ‘मजबूत सरकार’ की जरूरत है न कि ‘मजबूर सरकार’ की। इसलिए, हमें पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार को बरकरार रखना चाहिए। बयान में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में भारत ने ऐसी सरकार देखी है, जिसने ‘भ्रष्टाचारमुक्त सुशासन और विकासोन्मुख प्रशासन’ दिया है।

सोचने की बात यह है कि अगर ये 900 कलाकार पहले बयान जारी कर देते तो इन 600 कलाकारों का मोदी विरोधी गैंग यह कहता को चुनाव को प्रभावित किया जा रहा है. एक फ़िल्म से, एक डेली सोप के 5 मिनट के सीन से चुनाव प्रभावित हो रहे हैं पर 600 लोगों के एक साथ यह बोलने से की देश खतरे में है और इसके बाद चुनाव ही नहीं होंगे बोलने से कोई प्रभाव नहीं पड़ता.

https://www.newsstate.com/general-elections-2019/bjp-nation-first-collective-pandit-jasraj-ustad-ghulam-mustafa-khan-shankar-mahadevan-malini-awasthi-pandit-vishwa-mohan-bhatt-article-82862.html

नसीरुद्दीन शाह समेत 600 थियेटर कलाकारों की अपील-बीजेपी को वोट ना दें, सत्ता से करें बाहर