क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप का सबसे बड़ा उत्सव आज से चेन्नई में आरंभ होने वाला है. हम बात कर रहे हैं Indian Premier League अर्थात IPL के 12वें सीजन की. 2008 में शुरू हुआ ये लीग आज अपने पूरे उफान पर है. क्रिकेट दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेलों की सूची में कहीं नहीं आता लेकिन भारत में इसकी लोकप्रियता के क्या कहने….
अक्सर लोग शिकायत करते मिलते हैं कि IPL ने टेस्ट क्रिकेट को काफी नुकसान पहुंचाया है पर शेन वार्न ऐसा नहीं मानते. उनका मानना है कि T20 क्रिकेट असल में टेस्ट क्रिकेट का ही छोटा बच्चा है, जो दर्शकों को स्टेडियम तक खींचकर ला रहा है. खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रारूप होते हुए भी पाँच दिन का मैच देखने का समय हर किसी के पास नहीं होता. जबकि T20 कुछ घण्टों का खेल है, लोग परिवार के साथ स्टेडियम में IPL देखते मिलते हैं जिससे घूमना फिरना भी हो जाता है, क्रिकेट भी देख लेते हैं.
शेन वार्न के अनुसार टेस्ट क्रिकेट की फैन फॉलोइंग कम होने का कारण यह है कि इसकी सही मार्केटिंग नहीं की जा रही. क्रिकेट को चलाने वाले लोग फैन्स को ये समझाने में उतने सफल नहीं हो पा रहे कि टेस्ट क्रिकेट क्यों खास है, क्यों ये खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रारूप है. आप दर्शकों को कोई चीज़ जबरदस्ती नहीं दिखा सकते. डॉक्यूमेंट्री बनाइए, टेस्ट क्रिकेट के शानदार इतिहास की मार्केटिंग करिए. लोगों को पसंद आएगा तो वो अपने आप आकर्षित होंगे. IPL को कोसने से कुछ नहीं होगा. लोग वही देखेंगे जो वे देखना चाहते हैं.
IPL ने भारतीय क्रिकेट से कुछ छीना नहीं है बल्कि कुछ दिया ही है. भारतीय क्रिकेट आर्थिक रूप से और मजबूत हुआ. आज IPL इतना बड़ा ब्रांड है कि दुनिया के सभी क्रिकेटर इसमें खेलने को लालायित रहते हैं. पाकिस्तानियों को IPL से जलता देखकर खुशी कुछ ज्यादा ही होती है. रही बात टैलेंट की तो जसप्रीत बुमरा, रविचंद्रन अश्विन, हार्दिक पंड्या, रविन्द्र जडेजा, यजुवेंद्र चहल, कुलदीप यादव जैसे नाम IPL से ही लाइमलाइट में आए. सुरेश रैना के करियर में जितनी सफलता पाई, उसमें IPL में किए गए प्रदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान रहा. रोहित शर्मा जब करियर के सबसे संघर्षपूर्ण दौर से गुज़र रहे थे, उस समय IPL में प्रदर्शन के कारण ही चर्चा में बने रहे.
2011 के ऑक्शन में क्रिस्टोफर हेनरी गेल को कोई खरीददार नहीं मिला, जमैका के एक बार में बैठे बैठे उन्होंने एक शराब व्यापारी का फोन रिसीव किया और फिर बैंगलोर उतरे. ये उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट कहा जा सकता है. बड़े खिलाड़ी तो वो थे ही, पर इसके बाद से उनका कद और ऊँचा होता चला गया.
राहुल द्रविड़ को गुस्से में अपनी टोपी फेंकते, एम एस धोनी को मैच खत्म करने के बाद अपने हेलमेट को पंच करते हम केवल IPL में ही देख सकते थे. दो साल बैन रहने के बाद पिछले साल वापस आई चेन्नई सुपरकिंग्स का चेन्नई ने कितना शानदार स्वागत किया, ये सबने देखा. विराट कोहली और ए बी डिविलियर्स को एक साथ बैटिंग करते देखना भी एक अलग अनुभव रहा है. ए बी डिविलियर्स बनाम डेल स्टेन भला और कहाँ देख सकते थे…
11 साल पहले ब्रेंडन मैक्कलम के 158 से शुरु हुआ ये सफर इस साल भी मजेदार ही रहनेवाला है...
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