कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मोदी सरकार के पहले कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया है. ये अंतरिम बजट था. पीयूष गोयल ने बजट भाषण के शुरुआत में ही कहा कि देश के संसाधनों पर पहला हक गरीबों का है. यह लाइन कांग्रेस पार्टी की उस लाइन से बिल्कुल उलट थी जिसमें मनमोहन सिंह ने कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक अकलियतों का है.
वित्त मंत्री ने एलान किया है कि 5 एकड़ तक की जमीन वाले किसानों के खाते में सरकार सीधे 6 हजार रुपये जमा करेगी. इसका फायदा कम से कम 12 करोड़ किसान परिवारों को होगा. इसे किसानों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है. सरकार ने इस योजना के लिए 75 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
इसके साथ ही गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की शुरुआत की जाएगी. इसके लिए ₹750 करोड़ रुपये राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंदर दिया जाएगा. पशु पालन और मत्स्य पालन करने वाले किसानों को ब्याज में 2% की छूट की भी घोषणा की गई है.
मध्यवर्ग को साधने के लिए भी सरकार ने कई प्रावधान किए हैं. 5 लाख तक के आय पर अब इनकम टैक्स नही देना होगा. इसके अलावा सैलरी पर मिलने वाली 40 हजार की स्टैण्डर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया. यदि ठीक से टैक्स प्लान किया जाए और होमलोन पर ब्याज भी चुका रहे हों तो 9 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नही देना होगा. दूसरे घर पर लगने वाला नोशनल टैक्स भी हटा लिया गया है सरकार ने वादा किया है कि रिटर्न दाखिल करने के 24 घण्टे के भीतर रिफंड जारी कर दिया जाएगा. एक घर बेचकर यदि कोई दो अलग घर खरीदे तो भी उसे कैपिटल गेन टैक्स में राहत मिलेगी. 2 वर्षों के अंदर पूर्णतया इलेक्ट्रॉनिक असेस्मेंट प्रोसेस का वादा भी वित्त मंत्री ने किया है.
इसके साथ ही पीयूष गोयल ने यह भी बताया कि मनरेगा में ₹60,000 करोड़ दिए जाएंगे. 1.7 लाख करोड़ का निवेश भी सबको खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया गया है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हरियाणा में देश का 22वां AIIMS खोलने की घोषणा की गई है.
टैक्स ग्रेच्युटी की सीमा को भी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है. ₹21,000 महीना कमाने वाले कर्मचारी को ₹7,000 का बोनस भी दिया जाएगा. इसके साथ ही ‘प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन’ योजना की भी घोषणा की गई है जिसके अंतर्गत मजदूरों को हर महीने ₹3000 रुपये की पेंशन दी जाएगी. इसमें उनको मात्र ₹100 का ही अंशदान देना होगा, जहाँ 60 वर्ष की आयु के बाद उनको इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.
रक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी बात सामने आई. पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि इस साल रक्षा बजट 3 लाख करोड़ रुपये हो गया है. इसके साथ ही भविष्य का भी पूरा खांका दिया गया है. सरकार ने अगले 5 सालों में 1 लाख गांवों को डिजिटल गाँव बनाने का भी दावा किया गया है. भारतीय फिल्म निर्माताओं के लिए भी सिंगल विंडो सिस्टम को अप्रूव किया गया है. पहले यह सुविधा बस विदेशी फ़िल्म निर्माताओं के लिए ही होती थी.
कुल मिलाकर यह सकारात्मक बजट है. मध्यवर्ग को लंबे समय से आयकर में राहत की उम्मीद थी. किसानों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए भी सरकार ने अच्छी योजना पेश की है. बजट में सबके लिए कुछ न कुछ है. चुनावी वर्ष में पेश किया गया यह बजट वाकई तारीफ के काबिल है.
